Chrysanthemum flower ghazal

तलाश: Nazm

    परत दर परत उधेड़ा खुद को पंखुड़ियों की तरह तमाम हो गई   कागज़ पे लिखे हर्फ़ों में ढूँढा ख़ुद को मग़र कहानी मेरी आज सरेआम हो गई   कुछ तो बात थी ज़माने की तानाकशी में ख़ुद को ढूंढने की कोशिश सुबहो-शाम हो गई   बस दो...Read More