moon girl बातें

बातें: Ghazal

  कुछ बातें ही तो कीं तुमसे, बातों का क्या? रातें थीं, कट गयीं आँखों में, रातों का क्या? कुछ ताने-बाने लफ़्ज़ों के जो बुने नफ़ासत से, चादर बुन ली रिश्तों की, जज़्बातों का क्या? भाती दिल को न जाने क्यों हर शोख-सांवली रात, एक आँख न भाये सूरज, सौगातों...Read More
क्यों

आह्वान

  खुली बसंत बयार हूँ मैं ठहरे से तुम हो क्यों? उन्मत्त नदी की धार हूँ मैं सहमे से तुम हो क्यों? बह जाना संग तुम्हारे अब जलधार भले विपरीत बहे, निकलो न अब पतवार बनो मंझधार फंसे हो क्यों? मैं सुर हूँ, तुम संगीत मेरे गाऊं हर पल वो...Read More
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ज़िन्दगी: Ghazal

  ज़िन्दगी फ़िर क्यों खींचती हसीं ख़्वाबों की तरह, कुछ उलझे से सवालों के जवाबों की तरह. हुए तुमसे जो मुख़ातिब तो भूले अपने रंजो-ग़म, डायरी में रखे उन सूखे गुलाबों की तरह. मेरी खामोश निगाहों को पढ़ भी लिया तो क्या? राज़ ये खोलती हैं खुद ही किताबों की तरह....Read More
cactus flowers आरम्भ

आरम्भ

  यह अंत का आरम्भ है! समय के नित-निरंतर घूमते, अभिशप्त चक्र का एक नया प्रारम्भ है! कोहरे को भेद सरपट दौड़ती काली सड़क ने ली है चुनौती धप्प, श्वेत धुंध की, कहती, "भय तो है बस नाममात्र का एक विचार, मन का है बस एक विकार! धुएं के पीछे...Read More
Late Daya Shanker Mishra dad ghazal

यादें : Ghazal

  मुझे सुन लो ना फिरसे अनकही सी बात की तरह, याद आते हो तुम बारहा बरसात की तरह. जिस क़हर सी रात की कभी सुबह ना हुई, मेरी आँखों में जागते हो उसी रात की तरह. मेरी पलकों पे ठहरते धुले मोती जैसे, मेरे ज़हन में बसे हो किसी...Read More
tss hindi poetry चेहरा

चेहरा: Ghazal

    मेरे ख्यालों का सागर अगर गहरा होता, लहरों तले तूफ़ां सा एक ठहरा होता ! चिराग यादों के मैंने जो जलाये होते, स्याह रातों का रंग कुछ तो सुनहरा होता ! जो चाँद आसमान में न ऐसे इठलाता, चकोर का पुराना ज़ख्म ना हरा होता ! एक परवाज़...Read More
Safe from words: haiku poem

जिजीविषा…

क्या हुआ जो जिंदगी की शाम आनी है, धुप्प अँधेरे से तो अपनी गहरी सानी है ! अभी तो स्वर में दर्द का संगीत बाकी है मारवा के राग का एक गीत बाकी है! तारसप्तक का अभी वो तान बाकी है सुरों से अब भी मेरी पहचान बाकी है !...Read More