tss hindi poetry चेहरा

चेहरा: Ghazal

    मेरे ख्यालों का सागर अगर गहरा होता, लहरों तले तूफ़ां सा एक ठहरा होता ! चिराग यादों के मैंने जो जलाये होते, स्याह रातों का रंग कुछ तो सुनहरा होता ! जो चाँद आसमान में न ऐसे इठलाता, चकोर का पुराना ज़ख्म ना हरा होता ! एक परवाज़...Read More
Safe from words: haiku poem

जिजीविषा…

क्या हुआ जो जिंदगी की शाम आनी है, धुप्प अँधेरे से तो अपनी गहरी सानी है ! अभी तो स्वर में दर्द का संगीत बाकी है मारवा के राग का एक गीत बाकी है! तारसप्तक का अभी वो तान बाकी है सुरों से अब भी मेरी पहचान बाकी है !...Read More
सपने

सपने

  सपने............ अनगिन, अबूझ, अल्हड सपने, रत्ती भर गुंजाईश वाले बित्ते भर के सपने, मुट्ठी में बंद सुन्दर तितलियों से फड़फड़ाते दम तोड़ते, न रह पाए जो अपने, सपने ! और कुछ कलाबाज़, हवाबाज़ सपने, जंज़ीरें तोड़, छूते आसमानों की बुलंदियां, हाथ आये बाज़ों से वीभत्स सपने ! बूते से...Read More
ऐ मित्र

ऐ मित्र !

कुछ अंतर्मन की बातें , कुछ टूटे फूटे सपने बांटा करती हूँ तुम संग ऐ मित्र ! फिर होकर भी तुम गैर लगते हो अपने अपने !     कुछ गहरी काली रातें, कुछ अंतहीन से किस्से, साझा करती हूँ तुम संग ऐ मित्र ! फिर झीनी चादर से छनकर...Read More
moon girl

स्याह रात का चाँद

  आती वह हर रात मुझसे मिलने ले जाती मेरी नींद, मेरे सपने बदले में रात का वेश बदल, स्याह चादर में लिपटी आती वो,  रंग जाती मैं भी उसके ही रंग में | रात ही तो थी, काली, विस्मयकारी, मेरे हर प्रयास के बाद भी मुझपर भारी | मुझसे ही...Read More