Monday , 29 May 2017
Fashion Updates
Home / POETRY / Ghazal / ख़्वाहिशें: Ghazal

ख़्वाहिशें: Ghazal


Indian Bloggers

The Style Symphony

कहने को बहुत कुछ है, पर आग़ाज़ ना मिला
पंख हैं अब भी मगर, परवाज़ ना मिला |

बिखरे हुए सरगम मैं सजाती रही उम्र भर
सुर तो हैं सजे हुए, पर साज़ ना मिला |

हज़ार ख़्वाहिशें सिरहाने रख, सोयी थी कल रात,
बस ज़माने को दिखाने का अंदाज़ ना मिला |

बेतरतीब सुर सजा लिए मैंने करीने से
पर आवाज़ से जो मिला दे आवाज़, ना मिला |

शुक्रिया किया तेरा ऐ देने वाले ख़ुदा
आँखों से ही किया, कोई अलफ़ाज़ ना मिला ||

 

— संगीता

  • subham

    wah bahot khoob

  • bohot khoobsurat panktiyan 🙂

    • Sangeeta Mishra

      Thank you Shweta 🙂

  • Yogesh Parashar

    I wrote this after reading your poetry. 🙂
    Hope you would like it.

    आग़ाज़ कर हौसले से, तू अंजाम से ना डर।
    कल फिर सवेरा होगा, इस शाम से ना डर।
    दिल में ख़ुद तेरे अंदर इक भगवान् बसा है।
    तू फिर दुनिया के बनाए, रहीम राम से ना डर |

    ज़िन्दगी में कुछ पल, होते हैं अजीब से।
    किस्मत खेल खेलती है, सबके नसीब से।
    कमज़ोर वक़्त में ना ख़ुद को कमज़ोर बना देना।
    हर वक़्त में जीना होगा, तुझको तहज़ीब से।

    ना सोच के उदास हो, कि अलफ़ाज़ ना मिला।
    क्यों शिकायत करना, कि कोई साज़ ना मिला।
    हसीं तेरा आज ग़र हो तो, हसीं तेरा कल भी होगा।
    फिर ना कहना हसीं कल के लिए हमें आज ना मिला।

    कलम ले के तो बैठो तुम, खुद अलफ़ाज़ देगा वो।
    तराने खुद होंगे सरगम में, खुद ही साज़ देगा वो।
    मिला जीवन तू इसको जी, ना कोई वक़्त ज़ाया कर।
    जवाब भी खुद ही दे देगा, गर कोई राज़ देगा वो।

    • Sangeeta Mishra

      Thank you so much Yogesh for this beautiful gesture of yours. It’s really heart-warming that for felt for my poetry and have come up with such a lovely creation. It’s indeed gratifying 🙂

  • beautiful poem…

    • Sangeeta Mishra

      Thank you Ashish 🙂

  • Amit Agarwal

    बहुत सुन्दर रचना, संगीता !
    प्रस्तुतीकरण के लिए धन्यवाद मैत्रिणी !!

    • Sangeeta Mishra

      धन्यवाद अमित ! 🙂

    • Thank you Amit 🙂

  • Beautiful.. This reminded me of the days when I used to write lot of hindi poetry 🙂

    • Sangeeta Mishra

      Thank you Roohi. Since Hindi poetry is on the verge of extinction, we sincerely need capable & literary people who can contribute towards it. Why don’t you start again ?

  • beautiful ma’am 🙂

    • Sangeeta Mishra

      Thank you so much Archana 🙂

  • Beautiful lines, Sangeeta. Thanks Maitreni for sharing this lovely poem. 🙂

    • Sangeeta Mishra

      Thank you so much Ravish. 🙂

    • Thank you Ravish 🙂

This site is protected by wp-copyrightpro.com

%d bloggers like this: