सपने

सपने


Indian Bloggers

 

सपने…………
अनगिन, अबूझ, अल्हड सपने,
रत्ती भर गुंजाईश वाले बित्ते भर के सपने,
मुट्ठी में बंद सुन्दर तितलियों से फड़फड़ाते
दम तोड़ते, न रह पाए जो अपने, सपने !

और कुछ कलाबाज़, हवाबाज़ सपने,
जंज़ीरें तोड़, छूते आसमानों की बुलंदियां,
हाथ आये बाज़ों से वीभत्स सपने !
बूते से बाहर होते, बेअदब, बेबाक
सीमायें पार कर, अपने मंसूबे पूरे करते सपने!

कुछ हाथ आये और कुछ रह गए अधूरे सपने,
हाथ आए तितलियों के पंखों के कुछ उखड़े रंग,
बाकी ले उड़े मेरी उजड़ी ख्वाहिशें भी अपने संग,
आह! वो बाज़ थे कितने बदरंग!
काश, मेरी तितलियों को भी मिले होते
उतने ही मज़बूत पंख !

तितलियाँ ही तो थीं, क्या हुआ जो चली गईं,
कुछ रंग तो छोड़ गईं हाथों में
न कि खरोच के निशान,
जो छोड़े उन बदरंग बाज़ों ने |

 

 

 

  • anamika ghatak
  • Jyotirmoy Sarkar

    Very beautifully penned, covered almost all the feelings related to dreams. Specially loved the line…”kaash meri titliyon ko ……majboot pankh”.

  • Loved those lines…so true

  • Roma Gupta Sinha

    The contrast in the expression is soul-stirring yet true. Loved it!

  • Abhijit Ray

    Very nice. Dreams take us forward. Life without a dream is no life.

  • Beautifully penned down!! Dreams are a whole new world in themselves. Masterfully brought dreams to life depicting both good and bad dreams.

  • Durga Prasad Dash

    Beautiful lines