cactus flowers आरम्भ

आरम्भ

  यह अंत का आरम्भ है! समय के नित-निरंतर घूमते, अभिशप्त चक्र का एक नया प्रारम्भ है! कोहरे को भेद सरपट दौड़ती काली सड़क ने ली है चुनौती धप्प, श्वेत धुंध की, कहती, "भय तो है बस नाममात्र का एक विचार, मन का है बस एक विकार! धुएं के पीछे...Read More
Late Daya Shanker Mishra dad ghazal

यादें : Ghazal

  मुझे सुन लो ना फिरसे अनकही सी बात की तरह, याद आते हो तुम बारहा बरसात की तरह. जिस क़हर सी रात की कभी सुबह ना हुई, मेरी आँखों में जागते हो उसी रात की तरह. मेरी पलकों पे ठहरते धुले मोती जैसे, मेरे ज़हन में बसे हो किसी...Read More